टोर ब्राउज़र (Tor Browser) क्या है कैसे यूज़ करे कंप्यूटर लैपटॉप और...

टोर ब्राउज़र (Tor Browser) क्या है कैसे यूज़ करे कंप्यूटर लैपटॉप और मोबाइल में

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इंटरनेट में आजकल कुछ भी सेफ नहीं है आप इन्टरनेट में अगर कुछ भी सर्च करते है या फिर कोई वेबसाइट ओपन करते है या फिर कोई भी एक्टिविटी जो आप अपने कंप्यूटर लैपटॉप या मोबाइल में करते है ऐसे में आप जो भी एक्टिविटी अपने डिवाइस में इन्टरनेट के यूज़ से करते है तो ऐसे में आपकी एक्टिविटी कोई भी हैकर या फिर थर्ड पार्टी वेबसाइट स्टोर कर सकता है तो ऐसे में कोई तरीका जिससे आप इन्टरनेट में अपनी पहचान छुपा के रख सके जी हा टोर ब्राउज़र(Tor Browser) है जो आपकी पहचान को इन्टरनेट में छुपा सकता है तो आज के आर्टिकल में हम जानेंगे की टोर ब्राउज़र (Tor Browser) क्या है कैसे आप अपने कंप्यूटर लैपटॉप या फिर मोबाइल डिवाइस में टोर ब्राउज़र को इनस्टॉल कर सकते है और सेफली इन्टरनेट ब्राउज कर सकते है

वैसे तो इन्टरनेट में आपको बहोत तरीके मिल जायेंग इन्टरनेट में सेफली ब्राउज या सर्च करने के लिए जिनमे से एक तरीका वीपीएन भी है , वीपीएन एक बेस्ट तरीका है जिससे आप अपने कंप्यूटर लैपटॉप या फिर मोबाइल डिवाइस के आईपी एड्रेस को आसानी से बदल के इन्टरनेट यूज़ कर सकते है वीपीएन क्या है कैसे यूज़ करते है इसके लिए ये पोस्ट पढ़े : वीपीएन(VPN) क्या है कैसे यूज़ करे इसमें आपको डिटेल्स में बताया गया है वीपीएन(VPN) के बारे में ,

टोर ब्राउज़र (Tor Browser) क्या है

टोर एक पोपुलर फ्री पोपुलर ब्राउज़र है जिसका पूरा नाम है द अनियन राऊटर (The Onion Router) है ,टोर आपके डिवाइस जैसे की कंप्यूटर लैपटॉप या फिर मोबाइल डिवाइस से यूज़ होने वाले के आईपी एड्रेस (ip Address) को बदल देता है ताकि आपका ओरिजिनल आईपी एड्रेस हाईड रहे , उदहारण है के लिए जब भी आप इन्टरनेट में कोई भी वेबसाइट ओपन करते है तो ऐसे में वेबसाइट ओनर के पास आपके आईपी एड्रेस पहोच जाता है और आपके डिवाइस की जानकारी भी , तो ऐसे में आप टोर ब्राउज़र की मदद से अपने डिवाइस की जानकारी और ओरिजिनल आईपी एड्रेस छुपा सकते है और इन्टरनेट में अनोनीमसली (Anonymously) सर्चिंग कर सकते है

टोर ब्राउज़र(Tor Browser) कैसे काम करता है

टोर ब्राउज़र में जब भी आप कोई वेबसाइट ओपन करते है तो सबसे पहले आपका रेकुएस्ट(Request) टोर ब्राउज़र के सर्वर में जाता है अब टोर ब्राउज़र से बहोत सारे कंप्यूटर सर्वर जुड़े होते है तो जैसे ही आप टोर ब्राउज़र में वेबसाइट ओपन करते है तो ऐसे में आपका रिक्वेस्ट किसी भी टोर ब्राउज़र के सर्वर में चला जाता है और वो सर्वर का आईपी एड्रेस से आपने जो वेबसाइट के रिक्वेस्ट किया है वो ओपन होता है  तो ऐसे में आपका एक वर्चुअल आईपी एड्रेस बदलता रहता है तो ऐसे में आपका आईपी एड्रेस एकदम सुरक्षित रहता है और किसी को भी पता नहीं चलता की आप इन्टरनेट में क्या सर्च कर रहे है

टोर ब्राउज़र (Tor Browser) यूज़ करने के फायदे

  • टोर ब्राउज़र से आप अपने आईपी एड्रेस को बदल छुपा सकते है
  • टोर ब्राउज़र से आप ब्लाक वेबसाइट को यूज़ कर सकते हो
  • टोर ब्राउज़र से आप अपने डाटा को एनक्रिप्ट कर सकते है
  • टोर ब्राउज़र से आप एक सिक्योर कम्युनिकेशन यूज़ कर सकते है
  • टोर ब्राउज़र के यूज़ से आप अपने डिटेल्स को हैक होने से बचा सकते है

टोर ब्राउज़र (Tor Browser) कैसे इनस्टॉल करे

 1. टोर ब्राउज़र की वेबसाइट पे जाए डाउनलोड पे क्लिक करे 
सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में टोर ब्राउज़र इनस्टॉल करने के लिए टोर ब्राउज़र की ऑफिसियल वेबसाइट पे जाए और डाउनलोड पे क्लिक कर के टोर ब्राउज़र सॉफ्टवेर को डाउनलोड करे या फिर आप यहाँ क्लिक कर के भी सॉफ्टवेर को डाउनलोड कर सकते है DOWNLOAD SOFTWARE उसके बाद आपको अपना ऑपरेटिंग सिस्टम चुनना है और सॉफ्टवेर को डाउनलोड करना है
tor browser download

 2. अब इनस्टॉल करे टोर ब्राउज़र को 
जैसे ही अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के लिए ब्राउज़र को डाउनलोड कर लेते है इसके बाद आपको इससे इनस्टॉल करना है  इसके लिए सॉफ्टवेर को ओपन करे और फिर ok पे क्लिक करे फिर install पे क्लिक करे
install tor browser

 3. अब स्टार्ट टोर ब्राउज़र पे क्लिक करे और ब्राउज़र को ओपन करे 
जैसे ही आप सॉफ्टवेर को इनस्टॉल करलेते है उसके बाद आपको अपने कंप्यूटर या लैपटॉप के स्क्रीन में टोर ब्राउज़र का फोल्डर और टोर ब्राउज़र दिखाई देगा जिसमे आपको स्टार्ट टोर ब्राउज़र लिखा होगा तो आपको इस्पे क्लिक कर के ओपन करना है इससे

 4. अब कनेक्ट पे क्लिक करे 
जैसे ही आप टोर ब्राउज़र को ओपन करते है तो आपको दो आप्शन मिलेंगे तो आपको कनेक्ट (Connect) पे क्लिक करना है और बस आपका टोर ब्राउज़र इनस्टॉल हो गया अब आप सेफली सर्च कर सकते है टोर(Tor Browser) की मदद से

ध्यान दे : अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में टोर ब्राउज़र के फोल्डर को डिलीट न करे वर्ना टोर ब्राउज़र डिलीट हो जायेगा तो आपको ये फोल्डर संभाल के रखना है अगर आपको बाद में टोर ब्राउज़र को अनइंस्टाल करना है तो इस फोल्डर को डिलीट मार दे टोर ब्राउज़र अपने आप डिलीट हो जायेगा , अगर आप टोर ब्राउज़र में और ज्यादा सिक्योर सर्चिंग करने के लिए आप टोर ब्राउज़र (Tor Browser) को कॉन्फ़िगर भी कर सकते है


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