फिशिंग (Phishing) क्या है फिशिंग से हैकिंग कैसे होती है इससे कैसे...

फिशिंग (Phishing) क्या है फिशिंग से हैकिंग कैसे होती है इससे कैसे बचे

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इन्टरनेट एक ऐसा जाल है जहा पे कुछ भी सेफ नहीं है कोई भी चीज़ हो चाहे वो आपका बैंक अकाउंट की जानकारी हो , जीमेल पस्वोर्ड हो या फिर को भी ऐसा अकाउंट जो आपके लिए जरुरी हो , कुछ भी सेफ नहीं है इन्टरनेट हैकिंग के लिए बहोत सारे तरीके है जिसमे से एक तरीका जिसका नाम है फिशिंग(Phishing), ये बहोत ही ज्यादा पोपुलर है क्यों की इससे आसानी से कोई भी हैकर आपके बैंक अकाउंट की डिटेल , चाहे वो आप ईमेल पासवर्ड हो या फिर किस भी और दुसरे तरह की जानकारी वो बहोत आसानी से पता कर लेता है

तो आज के इस पोस्ट में हम फिशिंग के बारे में जानेगे की आखिर फिशिंग(Phishing) है क्या ये कैसे काम करता है और किस तरह एक हैकर आपके एकाउंट्सकी जानकारी फिशिंग के जरिये चुरा लेता है और इसके साथ ही हम जानेंगे की कैसे हम फिशिंग से बाख सकते है तो चलिए सबसे पहले फिशिंग के बारे में जानते है की आखिर ये है क्या

फिशिंग (Phishing) क्या है ?

अगर आप नाम पे जाए तो हर कोई सोचेगा की फिशिंग का मतलब होता है मछली पकड़ना लेकिन यहाँ पर ये फिशिंग की स्पेल्लिंग  Fishing नहीं है या पर फिशिंग की स्पेल्लिंग Phishing है और इसका मलतब कोई मछली पकड़ना नहीं है यहाँ पर phishing का मतलब है हैकिंग(Hacking) से है इन दोनों में फरक इतना है की फिशिंग(Fishing) में आप मछली को पकड़ते है और Phishing मे हैकरस आपके पकड़ते है अब आप थोडा सा कंफ्यूज हो गए होगे तो चलिए में आपको आसान भासा में समझाता हु

फिशिंग में हैकरस आपको चारा फेकते है जैसे आप मछली पकड़ने के लिए पानी में चारा फेकते हो अब वो चारा एक लिंक होता है या कोई भी फेक वेबसाइट का लिंक (Link) जिसपे आप क्लिक करते है और फिर आप वेबसाइट एक वेबसाइट पे पहोच जाते है अब वो वेबसाइट कोई सा भी जीमेल , फेसबुक,बैंक का या फिर कोई भी ऐसा वेबसाइट जिसपे आपका आपका अकाउंट हो और वो अकाउंट हैकरस हैक करना चाहते है तो चलिए अब सीखते है की हैकर कैसे  फिशिंग(Phishing) की मदद से आपका अकाउंट हैक कर लेता है

कैसे हैकरस फिशिंग(Phishing) की मदद से अकाउंट हैक करते है

फिशिंग एक बहोत ही आसान और इजी तरीका होता है किसी भी यूजर का अकाउंट हैक करने के लिए , हैकरस आपका अकाउंट हैक करने के लिए आपको एक ईमेल भेजता है या फिर कोई मेसेज भेजता है चाहे वो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पे हो या फिर मोबाइल मेसेज हो अब आप सोच रहे होंगे की एक ईमेल या ईमेल भेजने से अकाउंट कैसे हैक होता है

Phishing attack

तो यहाँ पे में आपको बताना चाहूँगा की हैकरस आपको ईमेल भेजता है या मेसेज भेजता है अब वो ईमेल या फिर मेसेज आपको देखने में ऐसा लगता है की आपको सच्ची में कंपनी ने ईमेल भेजा है और उस ईमेल में कुछ ऐसा लिखा होता है आपके दिए गए लिंक पे क्लिक करना पड़ जाता है और एक बार आप ईमेल के लिंक पे क्लिक करते है तो आप ऑफिसियल वेबसाइट पे पहोच जाते है और आपको कही से नहीं लगेगा की वो वेबसाइट फेक है

अब वहा पे आप अपना ईमेल आईडी या फिर बैंक अकाउंट की आईडी और पासवर्ड डालेंगे और जैसे ही आपने डिटेल्स डाली और लॉग इन पे क्लिक किया बस उसके आपके सामने कुछ मेसेज शो होगा या फिर आप एक्सेस नहीं कर पाएंगे लेकिन ऐसे में बैंक की जानकारी या फिर ईमेल का पासवर्ड हैकरस के पास पहोच जायेगा और आसानी से आपका अकाउंट हैक हो जायेगा तो इस तरह आपका अकाउंट हैक होता है फिशिंग(Phishing) से अब आप सोच रहे होंगे की हम कैसे जान पाएंगे की जो ईमेल या मेसेज हमारे पास आया हुआ है वो फेक है या रियल या फिर जो भी वेबसाइट हम ओपन करते है वो रियल है या फिर इससे कैसे बचे तो चलिए में आपको बताता हु

फिशिंग (Phishing) से कैसे बचे

फिशिंग हैकिंग से बचने के लिए दो सबसे आसान और बेस्ट तरीका है एक तरीका है ईमेल के जरिये और दूसरा तरीका है वेबसाइट का यूआरएल(URL) क्यों की ये चीज़े कभी सेम नहीं हो सकती कोई भी हैकरस इसे बदल नहीं सकता

फिशिंग(Phishing) से बचने का तरीका नंबर एक :
फिशिंग से बचने का सबसे पहला तरीका है सेन्डर ईमेल एड्रेस (Sender Email Address) जब कोई यूजर आपको ईमेल भेजता है या फिर कोई कंपनी का वेबसाइट आपको ईमेल भेजता है तो आपके पास जिसका ईमेल आया है उसका पूरा ईमेल एड्रेस साथ में आता है तो आप वो चेक जरुर करे जैसे मान लीजिये अगर आपको गूगल की तरह से ईमेल आया होगा तो [email protected] ऐसा कुछ एड्रेस आएगा तो आपको देखना है की google.com की स्पेल्लिंग सही है यह नहीं अच्छे से चेक करना है क्यों की हैकरस ज्यादातर आपको मिलते जुलते जो देखने एक जैसा लगे उस एड्रेस से ईमेल भेजता है उदहारण के लिए वो आपको [email protected] या फिर [email protected] ऐसे ईमेल से भेज सकता है देखने में ये आपको सेम लग रहा हो लेकिन स्पेल्लिंग ज्यादा होता है या फिर अलग तो ये बाद ध्यान में रखे ऐसे कोई ईमेल एड्रेस से आपको मेल आता है तो उसका रिप्लाई न करे और न ही किसी लिंक पे क्लिक करे
sender email phishing

फिशिंग(Phishing) से बचने का तरीका नंबर दो :
फिशिंग से बचने का दूसरा सबसे बेस्ट और आसान तरीका है वेबसाइट का यूआरएल(URL) बहोत ही कम लोग है लगभग ना के बराबर जो वेबसाइट ओपन करने के बाद वेबसाइट का यूआरएल (URL) देखते है यही पर आप फिशिंग के सिकार हो जाते है जो ईमेल आपको भेजा जाता है उसमे आपको लिंक दिया होता है जैसे ही आप उसपे क्लिक करते है तो एक वेबसाइट पे पहोच जाते है अब वो वेबसाइट फेक होती है लेकिन देखने में वो आपको रियल यानि असली लगेगा लेकिन अगर आप वेबसाइट का यूआरएल देखेंगे तो वो आपको अलग दिखाई देगा या फिर मिलता जुलता दिखाई देगा लेकिन रियल वेबसाइट के सेम यूआरएल जैसा नहीं हो सकता जैसा आप निचे स्क्रीन शॉट में देख सकते है रियल वाले का यूआरएल www.facebook.com है और फेक वाले का है www.facebouk.com तो आप इसे देख के फेक वेबसाइट का पता लगा सकते है
facebook phishing

[alert-success]टिप्स : तो अबसे आपको जब भी कोई ईमेल आये या फिर अब किसी भी लिंक पे क्लिक करके कोई वेबसाइट पे जाते है तो पहले आप देख ले की जो यूआरएल दे रखा है वो सही है या नहीं ऐसा करने से आप हैक होने से बच सकते है

[/alert-success]

फिशिंग (Phishing) क्या है कैसे वर्क करता है फुल हिंदी विडियो टुटोरिअल

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